श्रीजागेश्वर धाम के मुख्य पुरोहित अब महामंडलेश्वर ऋषिवर कैलाशानंदजी महाराज पद से विभूषित

उज्जैन में सप्तऋषि अखाड़ा परिषद में जगद्गुरुओं ने किया पट्टाभिषेक

उज्जैन। अंतर्राष्ट्रीय सप्तऋषि अखाड़ा परिषद द्वारा यहां जगद्गुरु, महामंडलेश्वर एवं मंडलेश्वर पदारोहण का पट्टाभिषेक व संत समागम का दो दिवसीय भव्य आयोजन संपन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से चयनित अनेक संतों, धर्म गुरुओं को पदारोहण से पूर्व शुद्धिकरण वह पट्टाभिषेक किया गया। इसी कार्यक्रम में परिषद द्वारा उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में स्थित श्रीजागेश्वर धाम अर्थात नागेशम दारुकावन ज्योतिर्लिंग के मुख्य पुरोहित पंडित हेमंत भट्टजी का नाम बदलकर महामंडलेश्वर
ऋषिवर कैलाशानंदजी महाराज की उपाधि से नवाजा गया। उल्लेखनीय है कि इस दौरान कुल 13 संतो को महामंडलेश्वर व मंडलेश्वर सहित अनेक पदों से सम्मानित कर सुशोभित किया गया। इनमें अखाड़ा के संस्थापक श्री सच्चिदानंद बालप्रभुजी महाराज को सप्तऋषि संप्रदाय आचार्य श्रीमद जगद्गुरु, सप्तऋषि पीठाधीश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्यजी, श्री योगेश्वराचार्यजी एवं जगद्गुरुश्री अवधेशप्रपन्नाचार्यजी महाराज के सान्निध्य में हुए यह घोषणाएं की गई। सनातन धर्म की रक्षार्थ तथा प्रचार प्रसार कर रहे व निरंतर धार्मिक कार्यों में संलग्न रहने वाले अनेक मठों , धामों व अखाड़ों से चयनित धर्माचार्य, सनातनी विभूतियों का इसमें चयन किया गया। जगद्गुरुओं द्वारा सभी से भविष्य में सनातन की रक्षार्थ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। कार्यक्रम में सप्तऋषि अखाड़े के महामंडलेश्वर की उपाधि से नवाजे गए ऋषिवर कैलाशानंदजी महाराज के द्वारा भी पूर्ववत रुप से क्रियाशील सनातन धर्म के प्रचार प्रसार, धर्मांतरण को रोकने, आश्रम व धर्मशाला आदि के निर्माण, नशा मुक्ति तथा विविध धार्मिक आयोजन आदि कार्य किए जाने का संकल्प दोहराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संतवृंदों के अलावा गुरुसेवकों में लोकेश जोशी, आचार्य नीरज तिवारी, पंडित विनोद जोशी व पंडित विशाल भट्ट आदि भी मौजूद रहे।

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