An accident like Jhalawar can happen
in Sanganer too- Pushpendra Bhardwaj
दर्जनों स्कूलों की हालत जर्जर
शुक्रवार को झालावाड़ के पीपलोदी में स्कूल में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग के साथ साथ सार्वजनिक निर्माण विभाग की भी आंखे खुल गई हैं प्रदेश में सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जिनकी स्थिति आज भी जर्जर अवस्था में है और जहां पढ़ने वाले हजारों बच्चों को जान का जोखिम है सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के भी दर्जनों स्कूलों का भी यही हाल है लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है सांगानेर में पिछले दो दशकों से भाजपा के ही विधायक रहे हैं लेकिन किसी ने सरकारी स्कूलों के अध्ययन कक्षों की सुध लेना जरूरी नहीं समझा मैं समझता हूं झालावाड़ की घटना से सरकार को सबक लेना चाहिए वहां घायल बच्चों को मुआवजा देना चाहिए और उनके इलाज में कोई लापरवाही नहीं
बरती जानी चाहिए एवं मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में जो स्कूलों की
दुर्दशा है उस तरफ भी ध्यान देना चाहिए वरना झालावाड़ जैसी घटना सांगानेर में भी कभी भी घट सकती है , पुष्पेंद्र भारद्वाज ने व्यापारी और
भामाशाहों के सहयोग से काफी स्कूलों में कक्षों का निर्माण और मरम्मत का कार्य करवाया था लेकिन वर्तमान में दर्जनों स्कूलों की छत से पानी आता है,बाउंड्री वाल टूटी हुई है , गेट टूटे हुए हैं जिनकी सूची निम्नानुसार है ।
1. महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय किरण पथ मानसरोवर
2. राजकीय प्राथमिक विद्यालय वरुण पथ
3. राजकीय प्राथमिक विद्यालय सीताराम नगर
4. राजकीय प्राथमिक विद्यालय सूर्य नगर
5. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानसरोवर
6. राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुखिया गेट नंबर मुहाना मंडी के पास
7. राजकीय माध्यमिक विद्यालय काटावाली ढाणी हाज्यावाला
8. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढाणी कुमावतन
9. राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरोज विहार
10. राजकीय प्राथमिक विद्यालय,कमला नेहरू नगर, केशोपुरा
11. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,असरपुरा,नारायण विहार12. राजकीय उच्च
माध्यमिक विद्यालय कल्याणपुरा सांगानेर
13. राजकीय प्राथमिक विद्यालय आंबेडकर नगर सांगानेर
14. राजकीय प्राथमिक विद्यालय,कमला नेहरू नगर,
15. राजकीय प्राइमरी विद्यालय नारायण विहार।
16. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवरी सांगानेर
और भी विभिन्न स्कूलों में छत से पानी टपकता है बाउंड्री वाल क्षतिग्रस्त
है, दरवाजे टूटे हुए हैं छात्राओं के लिए बाथरूम की व्यवस्था नहीं है व
खेल मैदान आदि की सुविधा नहीं है

















