RGHS स्कीम चालू रहनी चाहिए -अशोक गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर सरकार की उदासीनता से राजकोष पर भार पड़ रहा है।

आरजीएचएस के सवाल पर गहलोत ने कहा की सारी मेडिकल की स्कीमों को कमजोर कर दिया हमारा जो था पच्चीस लाख का बीमा चिरंजीवी वाला लोगों को इंप्रेशन हो गया पांच लाख का हो गया है, आप किसी को पूछो, आप यहां खड़े हो न आप में से अधिकांश लोगों को यह मालूम नहीं वो तो अभी स्कीम पच्चीस लाख वाली रही नहीं पांच लाख की हो गई, जबकि वो पच्चीस लाख की आज भी है कागजों के अंदर पर इतना टेम्पो बिगाड़ दिया कि न तो उसका संज्ञान ले रहे हैं इलाज करने वाले न जनता बेचारी जा के वो कह सकती है अधिकार के साथ में ऐसा माहौल बिगाड़ दिया। वही बात होती है RGHS पर लागू,इतनी शानदार योजना है बुजुर्गों के लिए पेंशनधारियों के लिए, उसको इन्होंने पेमेंट नहीं कर रहे हैं उनको प्राइवेट वालों को और हां अगर बेइमानी हुई है कहीं पर आप कार्रवाई करो, बंद कर दो उसको स्कीम को वहां पर, कुछ भी करो ,पर स्कीम चालू रहनी चाहिए मेरा मानना ये है।

गहलोत ने कहा कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से उनकी कोई खबर नहीं है। न वो मीडिया में आए हैं, ना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे। मैंने कई बार फोन किया

*मुख्यमंत्री केवल खानापूर्ति करने के लिए पचपदरा गए: गहलोत*

गहलोत ने कहा कि जब यूपीए सरकार में रिफाइनरी का शिलान्यास हुआ था, तब इसकी लागत 38 हजार करोड़ रुपए थी। आज भाजपा की उदासीनता के कारण यह एक लाख करोड़ की परियोजना हो गई है। मुख्यमंत्री केवल खानापूर्ति करने पचपदरा गए। अगर काम समय पर होता तो यह परियोजना वर्षों पहले पूरी हो चुकी होती। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह हर बार कांग्रेस की योजनाओं को बंद करके प्रदेश की जनता का नुकसान करती है।

abhay