दैनिक चमकता राजस्थान न्यूज़ नेटवर्क के संपादक अभय सिंह चौहान की शिष्टाचार भेंट
पिछले चार साल से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के रूप में सेवाएं दे रहे वी. श्रीनिवास राजस्थान के मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं , विलक्षण प्रतिभा के धनी वर्ष 1989 बैच के आईएएस वी. श्रीनिवास विशाखापटनम (आंध्र प्रदेश) के रहने वाले हैं,वे पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के रिश्तेदार हैं,वी. श्रीनिवास की पत्नी पूर्व पीएम नरसिम्हा राव की नातिन यानी दोहती है,बड़े राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले वी. श्रीनिवास ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के रूप में लंबी सेवाएं दिल्ली में दी,35 साल की नौकरी में 17 साल तक वे प्रतिनियुक्ति के तौर पर केंद्रीय सेवाओं में ही कार्य करते रहे,केंद्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के कार्यकाल में वे तत्कालीन विदेश मंत्री रहे जसवंत सिंह के निजी सचिव रहे। वाजपेयी सरकार में ही वी. श्रीनिवास को इंटरनेशनल मोनेटरी फंड वाशिंगटन में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
*23 की उम्र में बन गए थे आइएएस*
श्रीनिवास 1 सितंबर 1966 को जन्मे और आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं,उन्होंने हैदराबाद स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक पूरा किया,उन्होंने 1989 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 23 वर्ष की आयु में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) में आए।
*अंतरराष्ट्रीय अनुभव*
जी-20 के भारत आयोजन से पहले उन्होंने रोडमैप पर विशेष अध्ययन किया और ‘जी-20 : द रोडमैप टू द इंडियन प्रसीडेंसी’ पुस्तक लिखी,हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उन्हें 2025 में राजभाषा कीर्ति पुरस्कार भी मिला !
*वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय संस्थान का दायित्व*
श्रीनिवास वैश्विक स्तर पर लोक प्रशासन में वैज्ञानिक अनुसंधान व सहयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान (आइआइएएस) के अध्यक्ष हैं,उनका कार्यकाल वर्ष 2028 तक रहेगा,उन्होंने आस्ट्रिया के डॉ. अलेक्जेंडर बाल्थजार को बड़े अंतर से हराया,आइआइएएस का मुख्यालय ब्रुसेल्स में है।
*वरिष्ठता में दूसरे नंबर के अफसर हैं श्रीनिवास*
राजस्थान कैडर के आईएएस अफसरों में वी. श्रीनिवास वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं,वे 1989 बैच के अफसर हैं जबकि उनसे सीनियर सुबोध अग्रवाल वर्ष 1988 बैच के अफसर हैं,सरकार ने एक वरिष्ठ अफसर को दरकिनार करते हुए वी. श्रीनिवास को राजस्थान का मुख्य सचिव बनाया है,सुबोध अग्रवाल अगले महीने दिसंबर 2025 में ही रिटायर होने वाले हैं जबकि वी. श्रीनिवास सितंबर 2026 में सेवानिवृत होने वाले हैं,यानी वी. श्रीनिवास करीब दस महीने बाद रिटायर होने वाले हैं। हालांकि राज्य सरकार चाहे तो उनका कार्यकाल 6-6 महीने बढ़ भी सकती है।
*दो जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं वी. श्रीनिवास*
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आईएएस वी. श्रीनिवास ने वर्ष 1992 में राजस्थान काडर में कार्य शुरू किया था,हालांकि 35 वर्ष की नौकरी में ज्यादातर समय उनका केंद्रीय सेवाओं में ही रहा। राजस्थान के पाली और जोधपुर जिले में वे कलेक्टर जरूर रहे हैं,दोनों जिलों में करीब वे दो साल तक कलेक्टर रहे।
शिकायतों का किया त्वरित समाधान
केंद्र में सचिव रहते वी. श्रीनिवास ने वन नेशन, वन पोर्टल शुरू किया,इसके तहत शिकायतों का दो से तीन सप्ताह में समाधान सुनिश्चित किया गया,कॉल ऑडिट से फीडबैक लेने और शिकायतकर्ता की भाषा में जवाब देने की व्यवस्था भी की गई,इससे सरकारी सिस्टम में सुनवाई न होने की धारणा बदली।
*पेंशनरों को राहत*
हर साल बैंक जाकर जीवित प्रमाण पत्र देने की बाध्यता खत्म कर उन्होंने इसे डिजिटल कराया। इससे लाखों पेंशनरों को राहत मिली।
*राजस्थान में ये रहेंगी प्राथमिकताएं और चुनौतियां*
नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के सामने अब राज्य में सख्त मॉनिटरिंग की चुनौती है।
1- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स।
2- स्वास्थ्य व डिजिटल मिशन।
3- अवैध खनन पर नियंत्रण।
4- कानून-व्यवस्था में तकनीकी सुधार।
5- एक वर्ष का संभावित रोडमैप।
6- फाइल मूवमेंट टाइम आधा करने का लक्ष्य।
7- विभागीय परफॉर्मेंस इंडेक्स में सुधार।
8- बजट घोषणाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग।
9- रिफाइनरी, रामजल सेतु लिंक और जल परियोजनाओं को गति।
10- जिला योजनाओं में डिजिटल ट्रैकिंग को प्रभावी बनाना।
मुख्य सचिव राजस्थान सरकार वी श्रीनिवास से दैनिक चमकता राजस्थान न्यूज़ नेटवर्क के संपादक अभय सिंह चौहान ने शिष्टाचार भेंट की और पत्रकारों की समस्याओं से अवगत कराया

















