उदयपुर, 14 सितम्बर। उदयपुर में “भारतीय चिंतन में महिला” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने हिस्सा लिया और छात्राओं एवं महिलाओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को ‘शक्ति’ का प्रतीक माना गया है। हमारे ग्रंथों, इतिहास और परंपराओं में महिला को सृजन, ज्ञान और बल की प्रतीक के रूप में स्थान दिया गया है। आज की छात्राओं को इन मूल्यों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं देश और प्रदेश की मजबूत नींव हैं। महिलाओं और बालिकाओं को मुख्यधारा में आना चाहिए। अच्छी शिक्षा के साथ वे समाज को नई दिशा दे सकती हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे समाज को सही मार्गदर्शन देकर नई दिशा प्रदान कर सकें। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक योगदान के क्षेत्रों में आगे बढ़ें और भारतीय चिंतन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएँ।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने “भारतीय चिंतन में महिला” शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय संयोजक प्रज्ञा प्रवाह जे. नंद कुमार, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री भंवरलाल गुर्जर, कुलपति कर्नल प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्रीय संयोजक प्रो. कमलेश शर्मा, शिक्षाविद एवं संगठक श्री हनुमानसिंह राठौड़, अखिल भारतीय महिला संयोजक प्रज्ञा प्रवाह मोनिका अरोड़ा, आयोजन सचिव डॉ. शिवानी स्वर्णकार एवं डॉ. युवराज सिंह राठौड़ सहित प्रज्ञा प्रवाह के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

















