Former Chief Minister Gehlot wrote a
letter to Chief Minister Sharma
regarding the government's neglect of
Gandhi Vatika
23 जुलाई 2025, जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सेंट्रल पार्क, जयपुर में स्थित गांधी वाटिका म्यूजियम में सरकारी उपेक्षा के कारण हो रही परेशानियों की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 18 जुलाई, 2025 को करीब 5 घंटे तक गांधी वाटिका म्यूजियम का दौरा किया था। वहां पर मिली अव्यवस्थाओं से मुख्यमंत्री को अवगत करवाने एवं सुधार के लिए पत्र लिखा है।
पत्र गहलोत ने लिखा कि “मैं आपका ध्यान सेंट्रल पार्क, जयपुर में स्थित गांधी वाटिका म्यूजियम में सरकारी उपेक्षा के कारण हो रही परेशानियों की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं।
मैंने पूर्व में भी इस म्यूजियम के बारे में आपसे आग्रह किया था। मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि मेरे आग्रह को स्वीकार कर आपने 2 अक्टूबर 2024 को इस म्यूजियम को आमजन के लिए शुरू कर दिया।
मैंने 18 जुलाई, 2025 को मैं गांधी वाटिका म्यूजियम का दौरा किया एवं यहां की व्यवस्थाओं को भी देखा। मुझे आपको यह लिखते हुए दुख है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित करीब 80 करोड़ रुपये लागत से बना यह म्यूजियम घोर सरकारी उपेक्षा का शिकार है जिसके कारण न पर्यटक यहां आ रहे हैं और न ही यहां जरूरी स्टाफ की नियुक्ति की गई है। यहां के मुख्य अधिकारी भी नियमित न होकर अतिरिक्त चार्ज पर यहां कार्य कर रहे हैं।
करीब 5 घंटे पूरे गांधी वाटिका परिसर को देखने के बाद मुझे जिन सुधारों की आवश्यकता लगी है वो आपको बिन्दुवार लिख रहा हूं।
1. गांधी वाटिका म्यूजियम का कोई प्रचार-प्रसार सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है। इसके कारण आमजन को इस म्यूजियम के बारे में जानकारी ही नहीं है। इस म्यूजियम को लोकप्रिय करने के लिए विभिन्न माध्यमों में इसके विज्ञापन दिए जाने चाहिए। इसके साथ ही, पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले जयपुर के पर्यटक स्थलों के टिकट में भी इसे शामिल करना चाहिए। शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के शेक्षणिक भ्रमणों में गांधी वाटिका का अवलोकन करने के आदेश जारी किए जाने चाहिए।
2. गांधी वाटिका में नई तकनीक के उपयोग से पूरे इतिहास को दिखाया गया है परन्तु म्यूजियम घुमाने एवं इसकी जानकारी देने के लिए कोई म्यूजियम गाइड वहां नियुक्त नहीं किया गया है। यहां पर गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप गाइड्स की नियुक्ति की जानी चाहिए।
3. गांधीजी के संदेशों में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। गांधी वाटिका परिसर की साफ-सफाई भी इसी अनुरूप हो, इसके लिए परिसर में सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की जाए।
4. वाटिका परिसर में कैफेटेरिया/ कैंटीन के संचालन का काम RTDC को दिया गया है परन्तु यह अभी तक संचालित नहीं है। इसे अतिशीघ्र संचालित किया जाए।
5. करीब एक साल तक बन्द रहने के कारण गांधी वाटिका में रखरखाव से जुड़ी परेशानियां भी आ रही हैं जैसे बारिश में कुछ अंडर ग्राउंड गैलरियों में पानी टपकने की समस्या आई है। इसके लिए कार्यकारी एजेंसी को प्राथमिकता पर कार्य करना चाहिए अन्यथा अत्याधुनिक तकनीकी मशीनें तक खराब हो सकती हैं।
6. प्रार्थना हॉल, सेमिनार रूम, एंफीथिएटर और प्रदर्शनी हॉल को जनउपयोग हेतु निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए जिससे गांधी वाटिका की आय का एक और स्रोत बन सके तथा यहां के रखरखाव व संचालन में उसे व्यय किया जा सके।
मेरा विश्वास है कि यह म्यूजियम दुनिया का सबसे उत्कृष्ट गांधी म्यूजियम है। गांधीजी की मूर्तियां देश एवं विश्व-भर में लगी हुई हैं। इन मूर्तियों को देखकर एवं उनके बारे में पढ़कर विदेशी लोग भारत आकर उनके बारे में जानना चाहते हैं। गांधी वाटिका म्यूजियम देशवासियों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों के लिए एक स्थल बन सकता है। इसके लिए राजस्थान सरकार को इंटरनेट के माध्यम से दूसरे देशों में भी गांधी वाटिका म्यूजियम का प्रचार करना चाहिए।
मैं आशा करता हूं कि राजस्थान सरकार तत्काल ही इन सभी बिन्दुओं पर ध्यान देगी एवं महात्मा गांधी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की इस पहल को और भी सार्थक करेगी।
मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है कि महात्मा गांधी से जुड़े इस भव्य म्यूजियम में आप व्यक्तिगत दिलचस्पी लें। आप स्वयं भी एक बार गांधी वाटिका म्यूजियम देखकर आएं जिससे इसके बारे आमजन को और जानकारी मिले एवं अपने मीडिया-सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से यहां आने की अपील करें।”

















