लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए गांधी के विचारों का प्रचार प्रसार जरूरी :गहलोत

Gandhi's ideas must be propagated to 
protect democracy: Gehlot

जयपुर 18 जुलाई ।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को गांधी वाटिका का अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से कहा कि गांधी जी की मूर्ति तो मेरे ख्याल से अनेकों कंट्री में लगी हैं, अनेकों कंट्री में महात्मा गांधी की मूर्ति लगी हुई है, पर गांधी के जीवनी को लेकर बना म्यूजियम हमारे मुल्क में भी नंबर 1 बना है यह जयपुर में बना है और बहुत मेहनत करके बनाया गया है।लेकिन लोग कम आते हैं, यही शिकायत मेरी सरकार से है कि उनको चाहिए कि इसका प्रचार प्रसार भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापन में हजारों या सैकड़ों करोड़ों खर्च कर रही है तो क्यों नहीं आप म्यूजियम जो महात्मा गांधी जी का एक संदेश के रूप में देश की जनता देखती है नई पीढ़ी उनके विचारों के नजदीक पहुंचे और म्यूजियम में देखने आए ये व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए प्रचार प्रसार के माध्यम से भी और छात्रों के लिए इसमें कंसेशन तो दिया है पर सरकार को चाहिए कि व्यवस्था ऐसी करे ।पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कम से कम एक साल तक सभी देख सके और गांधी के जीवन आत्मसात कर सके ऐसी हम ने स्कीम बनाई थी । उन्होंने कहा कि हमारे वक्त में कैसे फ्री दिखे या अन्य लोग फ्री देख सकें म्यूजियम को, अगर वो व्यवस्था कायम रहती तो स्वतः ही बात फैल जाती पूरे देश के अंदर विदेश के अंदर, जो पर्यटक आते हैं बाहर से देशी विदेशी जयपुर तो यहां अवश्य आते इतना शानदार ये म्यूजियम बना है। छात्रों के लिए बहुत आवश्यक है, पूरा म्यूजियम देखने में ढाई तीन घंटे लगते हैं अगर आप ढंग से प्रॉपर तरीके से देखे पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मैं समझता हूं सरकार इसमें आगे आए। मेंटेनेंस का काम मैंने देखा है कुछ कमियां भी हैं तो दूर की जा रही हैं, मैं उम्मीद करता हूं कि इस पर तवज्जो देगी सरकार, जो अधिकारी लगे हुए हैं वो अपने प्रयास कर रहे हैं इम्प्रूव करने के लिए, मैनें उनसे बातचीत भी करी, मुझे अच्छा लगा कि उनकी खुद की रुचि है कि किस प्रकार से म्यूजियम स्टैंडर्ड रहे, जिस कंपनी को काम दिया गया है वो पूना की एक कंपनी है उसी की देखरेख में बना था वो लोग भी इसमें रुचि ले रहे है।ये काम मैं समझता हूं सुनिश्चित रहे सरकार के निगाह के अंदर जिससे की आगे अगर कुछ इन्वेस्टमेंट भी करना पड़े यह सिविल वर्क है मान लीजिए तो जेडीए का काम है वो आज भी उनको चाहिए कि वो इस पर ध्यान दें वरना ये टूट फूट जाएगा, रिपेयर होना मुश्किल हो जाएगा, करोड़ों रुपए लगे हैं इसमें बनाने के अंदर तो उसकी चिंता सरकार को होनी चाहिए। बाकी तो जो काम दिया गया पांच साल के लिए तीन साल के लिए पूना की फर्म को, जेडीए को, उनकी ड्यूटी है कि वो इस पर पूरा ध्यान दें। गांधी के संदेश की आज भी आवश्यक है जो माहौल हिंसा का बन गया देश के अंदर, नफरत का बन गया है उसमें डेमोक्रेसी को बचाने के लिए भी जरूरी है गांधी के मार्ग दर्शन पर जनता को चलना सिखाएं उसके लिए भी मैं समझता हूं सरकारों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ये बना उद्घाटन हुआ उसके बाद में मैं पहली बार आया हूं, मैं इसलिए आया हूं कि ये पॉपुलर हो और मुझे उम्मीद है कि मैं आया हूं तो सरकार से उम्मीद करता हूं कि इस पर ध्यान देगी और इसका कैसे प्रचार हो उस पर कोई न कोई प्रोग्राम बनाएगी ।

abhay