राजस्थान में पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है पहले निजी अस्पतालों ने RGHS योजना में कार्य करने से मना कर दिया बड़ी मुश्किल से अवरोध के बाद कार्य पुनः शुरू हो सका लेकिन अब निजी अस्पतालों के यूरोलॉजी विभाग ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है,
मिली जानकारी के अनुसार जयपुर यूरोलॉजी सोसाइटी एंड रॉयल यूरोलॉजी सोसाइटी राजस्थान ने अख़बारों में विज्ञापन जारी कर कार्य बहिष्कार कर सरकार के समक्ष विभिन्न माँगे रखी है तथा मुख्यमंत्री से इस पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है, विज्ञापन में लिखा है कि
आरजीएचएस योजना में यूरोलॉजी विभाग का गतिरोध
प्रिय आरजीएचएस लाभार्थी,
आपके स्वास्थ्य के लिए हम सभी तत्पर हैं। राजस्थान सरकार की आरजीएचएस योजना सराहनीय है किंतु कुछ मुश्किलों की वजह से आपके इलाज में गुणवत्ता, न्यूनतम मानक बनाए रखना मुश्किल है जिसके लिए पूरे राजस्थान के यूरोलॉजिस्ट ने योजना का बहिष्कार किया है। योजना के अधिकारियों से बार बार बात करने पर भी कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला है।
आपके ध्यान आकर्षण के लिए कुछ बिंदु:
योजना में ऑपरेशन के रेट बहुत कम हैं। मरीज के स्वास्थ्य की सुरक्षा रखते हुए इन रेट्स पर काम करना संभव नहीं है। जिन दूसरी योजनाओं में न्यूनतम दरों पर काम चल रहा है, उससे भी तीन गुना तक आरजीएचएस में रेट कम है।
पिछले दस साल से भी ज्यादा समय से पैकेज दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ गई है। जिसमें जमीन- किराया, स्टाफ – डॉक्टर्स की सैलरी, दवाइयां और अन्य लगने वाला सामान और आधुनिक उपकरणों की दरें बहुत बढ़ गई हैं।
यूरोलॉजी एक उन्नत शल्य चिकित्सा है, जिसमें महंगी और नई तकनीक से आपकी बीमारी का इलाज करा जाता है। योजना की वजह से यह लाभ देना मुश्किल हो गया है।
इन अव्यावहारिक दरों पर मरीज का काम करने की कोशिश करने को फर्जीवाड़े का नाम देकर अन्यायपूर्ण रिकवरी निकालकर डॉक्टर पेशेंट के रिश्ते को कमजोर किया जा रहा है।
हमारी मांगे
यूरोलॉजी ऑपरेशन की दरों में तुरंत संशोधन करके मरीजों के स्वास्थ्य के साथ न्याय किया जाए।
हर वर्ष महंगाई दर के हिसाब से रेट्स स्वतः बढ़ें।
योजना में चल रहे भ्रष्टाचार को खत्म किया जाए।
आधुनिक तकनीक के विकास के लिए योजना में सुधार हो।
योजना में सुधार के लिए विचार विमर्श के लिए हम तैयार हैं। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से हमारी प्रार्थना है कि इस विषय पर त्वरित संज्ञान लेकर हल निकाला जाए।

















