गणेश मंदिर में शिखर कलश और धर्मध्वजा की स्थापना का आयोजन संपन्न

​जयपुर। झोटवाड़ा के अत्यंत प्रसिद्ध तारानगर स्थित गणेश मंदिर में शिखर कलश और धर्मध्वजा की स्थापना का अनेक संतो महंतो और क्षेत्र के गणमान्य लोगो कि उपस्थिति में भव्य और गरिमामय धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.

यह धार्मिक अनुष्ठान बड़े पिपली बालाजी धाम के महंत प्रमेन्द्र नाथ के सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर समिति कि ट्रस्टी और मन्दिर समिति कि प्रवक्ता और जिला भाजपा मंत्री और झोटवाड़ा बीजेपी मंडल की मंत्री नीलु शर्मा जांगिड़ ने बताया कि प्रातःकाल में वृंदावन कॉलोनी स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस यात्रा में हजारों महिलाएं कलश लेकर भजन कीर्तन के साथ हर्षोल्लास से पैदल गणेश मंदिर परिसर पहुंचीं। पूरे मार्ग में धार्मिक गीतों और जयकारों के साथ यह धर्म यात्रा धर्म रथ के साथ आगे बढ़ती रही, मंदिर परिसर पहुंचने पर मंदिर महंत पंकज शर्मा और गणेश मंदिर न्यास के पदाधिकारियों सहित नीलु शर्मा जांगिड़ आदि ने कलश यात्रा का जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया।
​न्यास अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर, सचिव विनोद कुमार और कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, नीलु शर्मा जांगिड़ ने कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी की। कलश यात्रा का नेतृत्व और संयोजन मंदिर समिति की ट्रस्टी नीलु शर्मा जांगिड़ के नेतृत्व में हुआ. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश, जल व्यवस्था और अन्य आवश्यक माकूल व्यवस्थाएं की गई जिससे श्रद्धालुओं को परेशान ना होना पड़े. आयोजन के लिए मंदिर परिसर और मंदिर के आसपास विशेष सजावट की गई थी। धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत रविवार को मंदिर परिसर में 21 कुंडीय हवन का आयोजन भी हुआ । यह हवन पंडित बृजमोहन मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ । हवन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं और भक्तो ने भाग लिया और प्रसादी ग्रहण की। मंदिर प्रशासन और स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। इस विशाल और अत्यंत भव्य धार्मिक आयोजन के कारण तारानगर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। और मंदिर में विशाल ध्वज और कलश स्थापना का कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हुआ.

abhay