पिंक टॉयलेट के नाम पर 75 हजार की राशि उठाई, कार्य अधूरा
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मांडवला में पिंक टॉयलेट का कार्य पड़ा अधूरा
जालोर। (शंकर लाल) जिले की मांडवला ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मिशन पिंक टॉयलेट योजना के तहत 75 हजार रुपये की राशि उठाने के बावजूद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मांडवला में पिंक टॉयलेट का कार्य अधूरा पड़ा है। स्कूल खुलने पर यह अनियमितता सामने आई, जिससे छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कार्यभार भरत कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा पिंक टॉयलेट निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। केवल टॉयलेट की दीवारों पर रंग करवा कर और नाम लिखवा कर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि वास्तविक निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
विद्यालय में न तो टॉयलेट पूरी तरह तैयार है और न ही बच्चों को शौचालय की समुचित सुविधा मिल पा रही है। बालक-बालिकाओं को दैनिक जरूरतों के लिए अत्यधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी विद्यालयों में पिंक टॉयलेट निर्माण की केवल खानापूर्ति*
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित “मिशन पिंक टॉयलेट” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सरकारी विद्यालय में बालिकाओं के लिए विशेष टॉयलेट निर्माण हेतु 75 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। जिसे स्कूलों में बनेंगे पिंक टॉयलेट बनाये जाएंगे, लेकिन ग्राम पंचायत मांडवला में पिंक टॉयलेट पर रंग लगाकर नाम लिखकर खानापूर्ति पुर्ण कर भूगतान की राशि उठा ली। वर्तमान में ऐसी स्थिति है शौचालय का नवीकरण के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ। छात्रों का कहना है कि शौचालय में कार्य पूर्ण नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। । इसको लेकर छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई है।

















