एक पेड़ भ्रष्टाचार मुक्त भारत का भी रोपा जाय

One tree for corruption free India

(अभय सिंह चौहान )

राजस्थान सहित पूरे भारत में मॉनसून के दौर में हर रोज़ पेड़ लगाने के कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं हर विभाग जगह जगह मुफ़्त में पेड़ वितरित कर पेड़ लगाने का संकल्प दिला रहा है साथ ही उनकी देख रेख की व्यवस्था करने की भी ज़िम्मेदारी दे रहा है लेकिन भारत में जो भ्रष्टाचार व्याप्त है उस भ्रष्टाचार से जनता की मुक्ति का एक पेड़ लगाना भी आवश्यक है भारत में अपार क्षमताएँ और समृद्ध संसाधन हैं, फिर भी भ्रष्टाचार इसकी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना हुआ है।
भ्रष्टाचार रूपी पौधा अब एक विशालकाय वृक्ष का रूप ले चुका है
,भ्रष्टाचार विकास में बाधा डालकर, संस्थाओं को कमज़ोर करके और असमान अवसर पैदा करके समाज को प्रभावित करता है। अब समय आ गया है कि इस भ्रष्टाचार के विशालकाय वृक्ष में युवाओं के आक्रोश का तेज़ाब डालकर उसे उखाड़ा जाए ,साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत का एक नया पोधा रोप कर एक ऐसे भारत की कल्पना की जाए जहाँ ईमानदारी और निष्ठा सभी कार्यों के मूल में हों,भ्रष्टाचार-मुक्त भारत में, संसाधनों का उपयोग वास्तविक प्रगति के लिए किया जाय,जिससे सभी को समान रूप से लाभ मिल सके,इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास, नैतिक मूल्यों और सख्त कानूनों की आवश्यकता है। एक निष्पक्ष और पारदर्शी राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है,हम सब मिलकर एक भ्रष्टाचार-मुक्त भारत का पोधा रोप कर संकल्प लें की एक ऐसे राष्ट्र के लिए काम करें जहाँ विकास स्थायी हो और न्याय सर्वोपरि हो।
इस पेड़ की रखवाली की ज़िम्मेदारी एक नागरिक की नहीं वरन पूरे देश के नागरिकों ख़ास तौर से युवाओं की होगी !
और इस पेड़ को सभी को अपनी माँ के नाम पर लगाना होगा क्योंकि भारत को भी भारत माता कहा गया है, तभी एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत की स्थापना हो सकेगी !

abhay