निजी अस्पतालों ने दी 25 अगस्त से RGHS सेवाएँ बंद करने की चेतावनी !

जहाँ एक ओर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने आरजीएचएस योजना को सुदृढ़ करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए वहीं दूसरी ओर योजना से जुड़े निजी अस्पतालों ने 25 अगस्त से सेवाएँ बंद करने की चेतावनी दी है !

दरअसल RGHS योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के संचालकों के संगठन राजस्थान एलायंस ऑफ ऑल हॉस्पिटल एसोसिएशन्स ने 25 अगस्त से सेवाएँ बंद करने की चेतावनी दी है मिली जानकारी के अनुसार संगठन जिससे राजस्थान के 700 निजी अस्पताल, जिनसे 1,10,000 से अधिक लोग एवं उनके परिवार, साथ ही 10,000 विक्रेता, 4,200 फार्मेसियाँ एवं 4,000 डॉक्टर जुड़े हुए हैं ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि

“RGHS योजना का उद्देश्य निश्चित रूप से सराहनीय है, परंतु लगातार भुगतान में देरी, सीमित बजट एवं बार-बार की अस्पष्ट कटौतियों ने पूरे निजी स्वास्थ्य तंत्र को गहरे संकट में डाल दिया है। अप्रैल 2025 से निरंतर सभी सक्षम स्तरों पर अधिकारियों से संवाद और प्रयासों के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ पाया।

इसलिए, हम बाध्य होकर 25 अगस्त 2025 से RGHS कैशलेस सेवाएँ निलंबित कर रहे है। हम आपसे आग्रह करते हैं कि इस मामले की गहन जाँच करवाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोका जा सके और योजना का लाभ लाभार्थियों तक पहुँच सके।

हम जानते हैं कि इससे लाखों सरकारी सेवकों, पेंशनर्स, विधायकों, पत्रकारों और उनके परिवारों को असुविधा होगी। हमें खेद है कि हम आपके “विकसित राजस्थान” के सपने में योगदान देने के अपने प्रयासों में असमर्थ हो रहे हैं। हम भी आपके विकास की कहानी का हिस्सा बनना चाहते थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में हम ऐसा करने में असमर्थ हैं। “

ज्ञातव्य है कि इससे पहले भी संगठन सेवाएँ बंद करने की चेतावनी दे चुका है लेकिन सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने यह कार्य स्थगित नहीं करने का निर्णय लिया था ,जयपुर के हॉस्पिटल संचालकों की बनी यूनियन ने भुगतान नहीं होने का मुद्दा बनाकर इस योजना के तहत 15 जुलाई से प्रदेशभर के निजी हॉस्पिटलों में इलाज बंद करने की घोषणा की थी लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से वार्ता के बाद सहमति बनी थी कि 31 मार्च 2025 तक के लंबित दावों का भुगतान 31 जुलाई 2025 तक करने का प्रयास किया जाएगा। बजट की उपलब्धता के अनुसार 45 से 60 दिनों के बीच भुगतान किए जाने का प्रयास किया जाएगा,योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए एक एसओपी बनाई जाएगी,न्यूनतम दस्तावेज प्रोटोकॉल अपनाया जाएगा !

*जिलों में सीएमएचओ संभालेंगे योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा*

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में योजना के संचालन एवं मॉनिटरिंग को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक बदलाव कर दिशा—निर्देश जारी किए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर आरजीएचएस के संचालन का जिम्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना के बेहतर संचालन, मॉनिटरिंग एवं नियंत्रण की दृष्टि से विभागीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब आरजीएचएस की सभी पत्रावलियां राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्यारेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत की जाएंगी।

राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजी लाल अटल ने बताया कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी योजना के जिले में समग्र क्रियान्वयन, संचालन एवं मॉनिटरिंग के लिए उत्तरदायी होंगे। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में नियुक्त जिला नोडल अधिकारी ही आरजीएचएस योजना के भी जिला नोडल अधिकारी होंगे। वे योजना से सम्बन्धित समस्त दायित्व व भूमिका का निर्वहन करेंगे। ये अधिकारी ही जिले में योजना से सम्बन्धित न्यायिक मामलों में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करेंगे।

परियोजना अधिकारी शाहीन अली ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के जिला परियोजना समन्वयक (DPC) जिले में आरजीएचएस योजना के समुचित क्रियान्वयन, समन्वय, मॉनिटरिंग व नियंत्रण के कार्य में भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार समस्त कार्य व दायित्व का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे।

abhay