ट्रैफ़िक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले जाम के बारे में कोई चर्चा नहीं !

(अभय सिंह चौहान)

जयपुर शहर में वीवीआईपी मूवमेंट से सारा शहर परेशान है मूवमेंट के चलते लोगों का समय और पेट्रोल-डीजल दोनों खराब होता है, लेकिन उसके बाद भी गुरुवार को हुई ट्रैफ़िक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई दरअसल शहर में ट्रैफिक जाम की परेशानी को दूर करने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) की बैठक हुई जिसमें जिसमे शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने पर चर्चा की गई ,बैठक जेडीसी आनंदी की अध्यक्षता में हुई जिसमें एडीशनल कमिशनर (ट्रैफिक), सचिव जेडीए, डीसीपी ट्रैफिक, जेडीए के अभियांत्रिकी निदेशक-प्रथम एवं द्वितीय, निदेशक आयोजना, अतिरिक्त मुख्य अभियंता – सदस्य सचिव टीसीबी, मुख्य सतर्कता अधिकारी नगर निगम ग्रेटर एवं हेरिटेज, राजस्थान आवासन मण्डल, मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन, स्मार्टसिटी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, जेएमआरसी, नगर निगम ग्रेटर एवं हैरिटेज, रीको के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में सड़कों की चौड़ाई, मीडियन, डिवाइडर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा ऐसे इलाके जहां आबादी बसी हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां जेसीटीसीएल बसें चलाएगा। इसके लिए 150 नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे। इस प्रस्ताव पर जेसीटीएसएल, परिवहन विभाग, नगर निगम, जेसीटीएसएल, पुलिस उपायुक्त यातायात संयुक्त रूप से सर्वे करेगा और इसके बाद शेल्डर निर्माण किए जाएंगे। इसके अलावा जेसीटीएसएल के 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए 45 हजार वर्गमीटर भूमि का आवंटन किया जाएगा। हीरापुरा बस टर्मिनल को परिवहन विभाग को हस्तांतरित होगा।

*इन सड़कों को सुधारेंगे*

शहर में 80 फीट या इससे अधिक चौड़ाई की सड़कों पर डिवाइडर लगाए जाएंगे। दुर्गापुरा पुलिया से महारानी फार्म, विजय पथ, पटेल मार्ग एवं स्वर्ण पथ, महेश नगर, देवी नगर, किंग्स रोड, शांति नगर, गोपालपुरा से जनपथ क्रॉसिंग पर डिवाइडर, मीडियन लगेंगे। ओटीएस से आरआईसी झालाना तक 10.5 मीटर सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी।

*वीवीआईपी मूवमेंट से लगता है लंबा जाम*
लेकिन बैठक में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान होने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई , मूवमेंट के दौरान सारा ट्रेफिक रोक दिया जाता है। यह तकलीफ उस समय अधिक होती है। जब लोगों को कार्यालय जाना या कार्यालय से वापस घर लौटना होता है।

हर दिन सुबह और शाम को ऑफिस टाइम के दौरान वीवीआईपी की आवाजाही होती है। सोडाला से अंबेडकर सर्किल, रामबाग और जेडीए रोड जंक्शन के आसपास और शहर के अन्य हिस्सों में यातायात धीमी गति से चलने लगता है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ ही अन्य वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक पुलिस रोड को खाली कराने के लिए चौराहों पर निकल रहे वाहनों को रोक देती है। इससे वीवीआईपी बिना समय खराब किये निकल जाते हैं, लेकिन लाखों लोगों का समय और पैसा दोनों खराब हो जाता है।

*वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान एम्बुलेंस को भी नहीं मिलती जगह*

जयपुर सिटी में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कई बार एम्बुलेंस के फंसने और मरीज के परेशान होने के बाद भी ट्रैफ़िक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इन जनप्रतिनिधियों के मूवमेंट को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई,यह किसी भी समय रोड पर निकल कर आमजन के लिए परेशान खड़ी कर देते हैं। जयपुर सिटी में वैसे तो सुबह 8 बजे से रात 10 तक सड़कों पर ट्रैफिक लोड रहता हैं। लेकिन सुबह 8 से 11 बजे तक और शाम को साढे 4 बजे से 8 बजे तक का समय पीक होता हैं इस समय नॉर्मल ट्रैफिक को निकालने में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पसीने छूट जाते हैं। इस दौरान भी कई वीवीआईपी शहर में निकलते हैं जिससे पब्लिक को भारी परेशानी होती हैं। क्यों की इन के मूवमेंट के दौरान रोड़ को ट्रैफिक फ्री करना होता हैं। ऐसे में इन के निकलने और पहुंचने के समय पर ही ट्रैफिक को रोक दिया जाता हैं।

अजमेर रोड से भारत जोड़ो सेतु के निर्माण के बाद भी ट्रैफिक का दबाव सड़कों पर ज्यादा कम नहीं हुआ हैं। अंबेडकर सर्किल की ओर जाने वाले यात्री भी लंबे जाम में फंसे रहते हैं। क्योंकि वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रहा हैं। अंबेडकर सर्किल, रामबाग सर्किल, जेडीए सर्किल, शांति पथ और जेएलएन मार्ग पर लोगों को वाहन निकालने के लिए एक दूसरे से दो चार होना पड़ता हैं। इसी तरह का नजारा सोडाला और बाइस गोदाम पर भी देखने को मिलता हैं।

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