हर इंसान के जीवन में कहीं ना कहीं वनवास आ ही जाता है, पर आता है तो जाता भी है-वसुंधरा राजे

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अचानक से अपने भाषण में एक ब्यान दे कर सबको चौंका दिया है दरअसल राजे धौलपुर की परशुराम धर्मशाला में महाराज मुरलीधर जी संत की रामकथा का श्रवण करने गईं थीं वहाँ उन्होंने अपने भाषण में कहा कि

यह सिर्फ कथा नहीं, बल्कि आत्मा को झकझोर देने वाला अनुभव था। जब संत जी ने श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं का वर्णन किया, तो ऐसा लगा मानो हृदय राममय हो उठा हो।

हर इंसान जानता है कि वह कहाँ गलत है, लेकिन मन की इच्छाओं के कारण वही करता है। सच्चा साधक वही है, जो अपने मन पर विजय पा ले। आजकल की दुनिया बड़ी अजीब है, जिसको अपना समझा है, वो पराया भी हो जाता है। हर इंसान के जीवन में कहीं ना कहीं वनवास आ ही जाता है, पर आता है तो जाता भी है।

रामकथा हमें यह सिखाती है कि भक्ति से शक्ति मिलती है, मर्यादा से जीवन सजता है और आत्मसंयम से मुक्ति का मार्ग खुलता है।

मेरी सदैव यही कोशिश रहती है कि मैं महाराज मुरलीधर जी के हर कार्यक्रम में पहुँच सकूँ, क्योंकि उनकी वाणी से जीवन को नई दिशा और आत्मा को अनमोल शांति मिलती है।

राजनीतिक विश्लेषक इस बयान के कई मायने निकाल रहे हैं देखना होगा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का वनवास कब ख़त्म होगा

abhay