विधान सभा में गूंजा खाद की कमी का मुद्दा – विधायक रानीपुरिया की पहल से किसानों को राहत

अनुज जैन / मनोहर थाना।
राजस्थान विधानसभा के चालू सत्र में मनोहरथाना विधायक गोविंद प्रसाद रानीपुरिया ने किसानों से जुड़ा अहम सवाल उठाते हुए खाद की उपलब्धता का मुद्दा सदन में रखा। विधायक ने सरकार से स्पष्ट पूछा कि इस वर्ष मनोहरथाना क्षेत्र के पंचायतों में कुल कितनी खाद की मांग हुई, उसमें से कितनी आपूर्ति हुई और किसानों तक वितरण किस माध्यम से हो रहा है।

मंत्री का जवाब : मांग से अधिक खाद उपलब्ध

कृषि मंत्री ने जवाब में कहा कि राज्य सरकार किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह गंभीर है और इस वर्ष भी अग्रिम ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। मंत्री ने विधानसभा को जानकारी दी कि—

यूरिया : मांग 10,500 मी. टन, आपूर्ति 11,000 मी. टन

डीएपी : मांग 2,700 मी. टन, आपूर्ति 2,800 मी. टन

एनपीके : मांग 1,800 मी. टन, आपूर्ति 1,840 मी. टन

एसएसपी : मांग 8,000 मी. टन, आपूर्ति 10,000 मी. टन

इस प्रकार मनोहरथाना क्षेत्र में न केवल मांग पूरी हुई है बल्कि अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है।

रेल रेक से होगी आपूर्ति, जिला स्तर पर निगरानी

सरकार ने बताया कि प्रदेश में खाद की आपूर्ति रेल रेक के माध्यम से की जा रही है। प्रत्येक माह आवंटन के अनुसार उर्वरक संबंधित जिलों में भिजवाए जा रहे हैं। मनोहरथाना क्षेत्र के लिए अब तक 29 हजार मी. टन यूरिया, 7,200 मी. टन डीएपी, 4,800 मी. टन एनपीके और 11,500 मी. टन एसएसपी का आवंटन स्वीकृत किया जा चुका है।

कृषि विभाग के अधिकारी नियमित रूप से वितरण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या कमी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

विधायक रानीपुरिया ने जताई संतुष्टि

प्रश्न के बाद विधायक गोविंद प्रसाद रानीपुरिया ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी आवश्यकता खाद है। यदि समय पर खाद न मिले तो सीधे तौर पर उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा—
“मनोहरथाना क्षेत्र का किसान मेहनती है। खाद की कमी उसका हक छीन लेती है। इसीलिए मैंने विधानसभा में प्रश्न उठाया। सरकार ने आश्वासन दिया है कि मांग से अधिक आपूर्ति होगी। यह किसानों के लिए राहत की खबर है।”

किसानों में राहत की भावना

स्थानीय किसानों ने भी विधायक की पहल का स्वागत किया। क्षेत्र के कई गांवों के कृषकों का कहना है कि पिछले वर्षों में बोआई के समय खाद की किल्लत का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार विधानसभा में प्रश्न उठने और सरकार द्वारा मांग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित करने की घोषणा से उन्हें उम्मीद जगी है कि बोआई के समय परेशानी नहीं होगी।

गांव के किसान विक्रम सिंह गुर्जर ने कहा, “यदि समय पर खाद मिल जाए तो फसल का उत्पादन दुगुना हो सकता है। विधायक जी ने हमारी समस्या को विधानसभा में उठाया, इसके लिए हम आभारी हैं।”

भविष्य की रणनीति

कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रबी सीजन 2025-26 में भी खाद की आपूर्ति प्राथमिकता पर होगी। किसानों को मांग के अनुसार खाद मिले, इसके लिए रेल रेक, गोदाम और सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण किया जाएगा!

abhay