प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में रेलवे का स्वर्णिम युग एवं अभूतपूर्व प्रगति : मदन राठौड़

यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने राजस्थान रेलवे विकास के लिए दिया 15 गुणा अधिक बजट, यूपीए में 682 करोड़ तो मोदी ने दिए 9960 करोड़ रुपए :— मदन राठौड़

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मोदी सरकार ने मार्च 2025 तक राजस्थान में 43918 करोड़ रुपए की लागत से 3409 किलोमीटर लंबाई की 28 रेल परियोजनाओं को किया स्वीकृत:— मदन राठौड़
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नई रेल लाइनें कनेक्टिविटी से जयपुर, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और व्यापार के बनेंगे हब:— मदन राठौड़

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राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में दी जानकारी
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जयपुर,12 अगस्त 2025।राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे अवसंरचना विकास के क्षेत्र में राजस्थान ने इतिहास का सबसे सुनहरा दौर देखा है। वर्ष 2009–14 के दौरान राजस्थान को रेलवे परियोजनाओं के लिए मात्र 682 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का बजट आवंटित हुआ था, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में राजस्थान को मिलने वाले रेल बजट में करीबन 15गुणा बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2025–26 में राजस्थान रेल परियोजनाओं के लिए 9,960 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया। यह परिवर्तन केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह पीएम मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति का जीता-जागता उदाहरण है। सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन को जानकारी दी।

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि रेलवे लाइनों के विस्तार में भी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2009–14 के दौरान जहां मात्र 798 किमी लाइन का कमीशनिंग हुआ, वहीं 2014–25 की अवधि में यह बढ़कर 3,815 किमी तक पहुंच गया, यानी औसतन कमीशनिंग दर दो गुना से अधिक हुई है। 1 अप्रैल 2025 तक राजस्थान में 28 बड़ी परियोजनाएं (13 नई लाइनें, 5 आमान परिवर्तन, 10 दोहरीकरण) विभिन्न चरणों में हैं, जिनकी कुल लंबाई 3,409 किमी और कुल लागत ₹43,918 करोड़ है। इनमें से 1,238 किमी का कार्य पूरा कर लिया गया है और ₹18,955 करोड़ का निवेश पहले ही हो चुका है।

सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में पूर्ण हुई परियोजनाओं में सूरतपुरा–श्रीगंगानगर, सादलपुर–बीकानेर–रतनगढ़–डेगाना आमान परिवर्तन, जयपुर–रींगस–सीकर–चूरू एवं सीकर–लोहारू समेत अनेक महत्वपूर्ण दोहरीकरण कार्य शामिल हैं। हाल में शुरू हुई परियोजनाओं में पुष्कर–मेड़ता, तरंगा हिल–आबू रोड, रामगंज मंडी–भोपाल, नीमच–बड़ी सादड़ी, ग्वालियर–श्योपुर कलां (कोटा विस्तार सहित), धौलपुर–सरमथुरा (गंगापुर सिटी विस्तार सहित), मथुरा–झांसी तृतीय लाइन, मावली—देवगढ़ मदारिया गेज परिवर्तन, मारवाड बाई पास लाइन और चूरू–सादुलपुर एवं लूणी–भीलड़ी दोहरीकरण जैसी मेगा परियोजनाएं शामिल हैं। रेल कनेक्टिविटी को एक नए मुकाम तक ले जाने के लिए पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 55 नई परियोजनाओं के सर्वेक्षण को स्वीकृति दी गई है, जो 5,497 किमी लंबाई तक फैली हैं। इनमें अनूपगढ़–बीकानेर (खाजूवाला शाखा सहित), जैसलमेर–भाभर, खाजूवाला–जैसलमेर और रींगस–लोहारू दोहरीकरण जैसी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। यह सभी परियोजनाएं उत्तर पश्चिम रेलवे, उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ज़ोन के अंतर्गत संचालित हो रही हैं।

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों से राजस्थान अब भारत के सबसे सशक्त रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल होने की राह पर है। यह विकास की वह बगिया है, जिसमें हर जिले के लोगों के सपने पटरियों पर दौड़ते दिखाई देंगे। पिछले 5 वर्षों में राजस्थान के लिए रेल बजट आवंटन में लगभग 2.5 गुना वृद्धि हुई है। अधिकांश नई लाइनें कनेक्टिविटी और पर्यटन को ध्यान में रखकर स्वीकृत की गई हैं। राजस्थान में रेल लाइन विद्युतीकरण से परिचालन लागत घटेगी और मालवाहन गति बढ़ेगी। जयपुर, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर को जोड़ने वाले रूट्स पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन व व्यापार को लाभ होगा।

संयोजक , प्रदेश मीडिया विभाग

abhay