‘रामायण’ निर्माता रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने 30 अगस्त, 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने सुबह 10 बजे आखिरी सांस ली थी।
सीनियर प्रोड्यूसर और सिनेमैटोग्राफर प्रेम सागर का अंतिम संस्कार मुंबई के जुहू स्थित पवनहंस श्मशान घाट में किया गया,वह कुछ समय से बीमार थे और मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। रविवार को डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने की सलाह दी।
प्रेम सागर ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से ट्रेनिंग ली थी। वह 1968 बैच के छात्र थे। इस दौरान उन्होंने फोटोग्राफी और सिनेमैटोग्राफी भी सीखी। प्रेम सागर ने सागर आर्ट्स बैनर के तले काफी समय तक काम किया। यह प्रोडक्शन हाउस उनके पिता रामानंद सागर ने शुरू किया था, जिन्हें टीवी सीरीज ‘रामायण’ बनाने के लिए जाना जाता था। ‘रामायण’ पहली बार 1987 में दूरदर्शन पर आया था।
प्रेम सागर टीवी सीरीज ‘अलिफ लैला’ के डायरेक्टर थे। इसके अलावा, उन्होंने ‘काकभुशुंडी रामायण’ और ‘कामधेनु गौमाता’ जैसे धार्मिक प्रोजेक्ट्स का भी निर्माण किया। बतौर प्रोड्यूसर उन्होंने ‘हम तेरे आशिक हैं’, ‘बसेरा’ और ‘जय जय शिव शंकर’ जैसे प्रोजेक्ट्स भी किए। इतना ही नहीं वह कई फिल्मों के सिनेमैटोग्राफर भी रहे, जिसमें 1976 की ‘चरस’ शामिल है।
















