‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना हम सभी भारतवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय-उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास पहल पर शुरू हुए परीक्षा पे चर्चा 2025 कार्यक्रम ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इस कार्यक्रम का नाम एक महीने में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। सोमवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की तरफ से दिल्ली में आयोजित एक खास कार्यक्रम में इस रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री बोले- अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं….

जानकारी के मुताबिक, परीक्षा पे चर्चा 2025 को लेकर एक महीने में 3 करोड़ 53 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस कार्यक्रम को टीवी, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर 21 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। उन्होंने कहा कि यह अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है, जो छात्रों को आत्मविश्वास और तनाव कम करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि इस कामयाबी का श्रेय देश के हर छात्र, माता-पिता, शिक्षक और स्कूलों को जाता है, जिन्होंने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 

गिनीज़ बुक में नाम दर्ज होने पर दिया कुमारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “हम सभी भारतवासियों के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि हमारे प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह सिर्फ एक कीर्तिमान नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की सामूहिक चेतना और विश्वास का प्रतीक है।

MyGovIndia प्लेटफॉर्म पर आयोजित इस कार्यक्रम के 8वें संस्करण के एक महीने में 3.53 करोड़ से अधिक पंजीकरण और 21 करोड़ से भी अधिक टीवी दर्शकों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि देश के नागरिकों ने इस पहल को दिल से अपनाया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम करने के साथ-साथ, एक ऐसे संवाद को स्थापित करना है जहाँ प्रधानमंत्री जी स्वयं छात्रों से सीधे जुड़ते हैं, उन्हें प्रेरित करते हैं, और सफलता से अधिक संतुलन व आत्मविश्वास को महत्व देने की सीख देते हैं।

यह उपलब्धि प्रधानमंत्री जी की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और युवा पीढ़ी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम एक ऐसा मंच बन गया है जहाँ शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रही, बल्कि जीवन को समझने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का माध्यम बन गई है।”

 

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