उत्तराखंड में भारी बारिश से रास्ते बंद तो परीक्षा स्थगित क्यों नहीं ?

बालोतरा उत्तराखंड में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बाधित होने के कारण बालोतरा के चार विद्यार्थियों ने हेलिकॉप्टर से उत्तराखंड पहुंचकर बीएड अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा दी।

बालोतरा के नेवरी निवासी ओमाराम चौधरी, सिणधरी निवासी मगाराम चौधरी, बांकियावास निवासी प्रकाश चौधरी और गिड़ा निवासी लकी चौधरी उत्तराखंड के ओपन यूनिवर्सिटी से बीएड कर रहे हैं। चारों जोधपुर से ट्रेन से 2 सितंबर हल्दानी पहुंचे। 3 को परीक्षा थी भारी बरसात व भूस्खलन के कारण मुनस्यारी के आरएस टोलियां पीजी कॉलेज परीक्षा सेंटर जाने के लिए सारे रास्ते बंद हो गए थे। हेलिकॉप्टर से एग्जाम सेंटर तक 300 किमी आने- जाने के लिए हर स्टूडेंट ने 10 हजार 400 रुपए चुकाए।

लेकिन सवाल यह उठता है कि बालोतरा के ये छात्र तो किसी तरह पैसा ख़र्च करके परीक्षा में बैठ गए लेकिन अन्य छात्र जो सक्षम नहीं थे उनका क्या साल ख़राब होगा ? उत्तराखंड सरकार को चाहिए कि तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते खुलने तक परीक्षाओं को स्थगित किया जाए !

यदि कोई छात्र दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा ?

साथ ही दूसरे राज्यों को भी संज्ञान लेकर बारिश से प्रभावित इलाकों में जहाँ आना जाना बंद हो चुका है परीक्षा सहित अन्य कार्यक्रमों को स्थगित करवा देना चाहिए

abhay