मंत्री अविनाश गहलोत को लेकर चल रही खबरों पर सियासी चुप्पी

         विपक्ष और मीडिया की भूमिका पर उठ रहे सवाल

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बाद मंत्री अविनाश गहलोत के खिलाफ चल रही खबरों पर प्रदेश के गोदी मीडिया और विपक्ष की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन खबरों के बीच प्रदेश के कुछ मीडिया संस्थानों और विपक्ष की अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठाए जा रहे हैं।

आरोप है की मंत्री अविनाश गहलोत के भाई ने जैतारण के पौश इलाके में 13 बीसवा यानी 11250 वर्गफुट ज़मीन खरीदी है जिसकी मार्केट में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है लेकिन मंत्री के भाई को रजिस्ट्री में सिर्फ 1 करोड़ 25 लाख रुपए में यह ज़मीन मिली है।

 

साथ ही मंत्री बनने के बाद गहलोत के अकाउंटेंट, उनके बचपन के दोस्त, अकाउंटेंट की माताजी, गहलोत के साले और गहलोत भाई के नाम पर खड़ी की गई कंपनी है।

1. रिथम्बरा माइनस – 16/03/2024 को यह कंपनी बनी। इस कंपनी में आपके भाई किशोर गहलोत (डायरेक्टर), आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश ( एडिशनल डायरेक्टर) और आपके साले साहब रामनिवास जी डायरेक्टर हैं। इस कंपनी ने करीब 8 करोड़ रुपए का लेनदेन दिखाया है।

2. हीलियोबल्ड वेंचर्स – 11/03/2026 यानी की 3 महीने पहले यह कंपनी बनी जो कि कंस्ट्रक्शन का काम करती है। कंपनी में आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी और आपके बचपन के दोस्त बाबू सिंह जी डायरेक्टर है।

3. श्री राणा माइनस – 2 महीने पहले 02/04/2026 को यह कंपनी बनी जिसमें आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश और एक अन्य व्यक्ति गौरव सोलंकी डायरेक्टर है।

4. प्रतिष्ठा माइनस – 26/04/2026 को बनी इस कंपनी में खास बात है कि मंत्री अविनाश गहलोत के अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी की माताजी रामकन्या जी को डायरेक्टर बनाया गया है।

आरोप है कि अविनाश गहलोत के मंत्री बनने के बाद जितने लोग डायरेक्टर हैं सभी के व्यापार बदल गए हैं। ओमप्रकाश एक साधारण अकाउंटेंट थे जो आज कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। बाबू सिंह मंत्री जी के बचपन के दोस्त हैं और सहपाठी है तो उनकी भी प्रगति हुई है। किशोर गहलोत, मंत्री जी के भाई किशोर गहलोत की कपड़ों की दुकान थी लेकिन अब कंपनियों में डायरेक्टर है। मंत्री जी के साले साहब, रामनिवास जी पहले हैदराबाद में फैंसी स्टोर चलाते थे जो अब कंपनी में डायरेक्टर है। सबसे खास बात की अकाउंटेंट ओमप्रकाश की माताजी रामकन्या जी पहले जैतारण में सब्जी की दुकान चलाती थीं जो अब कंपनी में डायरेक्टर है।

साथ ही मंत्री के अकाउंटेंट ओमप्रकाश जो ऑफिस एड्रेस जैतारण में चलाते हैं उसी पर हीलियोबिल्ड वेंचर्स और राणा माइनस कंपनी चल रही है।

इसके अलावा कई अन्य कागज़, लेनदेन रिसिप्ट और सबसिडी वाली कंपनी भी शामिल है

 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी मंत्री से जुड़े मुद्दे सार्वजनिक चर्चा में आते हैं, तो सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष और मीडिया की भूमिका भी लोगों की निगाह में रहती है। ऐसे में यह चर्चा हो रही है कि विपक्ष इस मामले को प्रमुखता से क्यों नहीं उठा रहा और कुछ मीडिया संस्थानों की ओर से भी इस पर सीमित कवरेज क्यों देखने को मिल रही है।

हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से यह पुष्टि नहीं हुई है कि इस चुप्पी के पीछे किसी प्रकार का राजनीतिक या अंदरूनी समझौता है। ऐसे दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है और सभी पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।