नशे के खिलाफ एक्शन में मान सरकार
जल्द बनेगा नशा मुक्त पंजाब

सरकार का प्रण-छोटा हो या बड़ा कोई तस्कर नहीं बचेगा
गौरव शर्मा चंडीगढ़: नशे के खिलाफ पंजाब सरकार के अभियान... युद्ध नशे के विरुद्ध को एक महीना पूरा हो गया है। एक मार्च को शुरू हुए इस अभियान में पहली बार सरकार ने नशा तस्करों के घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी सख्त कार्रवाई की है।
वहीं, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अब बड़ी मछलियों की बारी है। यानी अभियान के अगले चरण में पुलिस बड़े नशा तस्करों और माफिया के खिलाफ भी कड़ा एक्शन करने जा रही है।
*शहरी क्षेत्रों में बनाई जाएगी मोहल्ला समितियां*
ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) की सफलता के बाद पुलिस अब नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज करने के लिए शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला समितियां बनाने जा रही है। सीमावर्ती गांवों के विश्वसनीय व प्रमुख लोगों से बनीं वीडीसी पुलिस की आंख और कान के रूप में काम कर रही हैं। ये राज्य से नशे को खत्म करने के पंजाब पुलिस के प्रयासों में सहयोग कर रही हैं।
*अगली कार्रवाई नशा माफिया के खिलाफ*
डीजीपी के अलावा पंजाब सरकार भी स्पष्ट कर चुकी है कि इस अभियान में अब अगली कार्रवाई नशा माफिया के खिलाफ होगी। बजट सत्र के दौरान कादियां से कांग्रेस के विधायक और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अभी तक जितने भी लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया है, वह सब छोटे-मोटे तस्कर हैं। सरकार बड़े तस्करों तक कब पहुंचेगी। इस पर सरकार के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा- बाजवा साहब... सबका नंबर आएगा। सरकार किसी को नहीं बख्शेगी। बड़े लोगों के घरों पर भी बुलडोजर चलेगा।
*सजा की दर भी बढ़ी*
पंजाब के वित्त एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहना है कि आप के कार्यकाल में सजा की दर 86 प्रतिशत हो गई है। वहीं, कांग्रेस शासन के दौरान यह काफी कम 58 प्रतिशत थी। शिअद-भाजपा सरकार के तहत तो यह केवल 40 प्रतिशत थी। कुछ जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सजा दर हासिल की है। संगरूर में 93 प्रतिशत, नवांशहर में 99 और रोपड़ में यह 95 प्रतिशत है।
*हरभजन सिंह ने उठाया था बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल, बाद में किया समर्थन*
पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह ने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई पर एक्स पर लिखा था कि मैं नशा तस्करों के घर पर बुलडोजर चलाने के हक में नहीं हूं। अगर किसी ने शामलात या सरकारी जमीन पर कब्जा कर कोई निर्माण किया है, तो उस पर सरकार की ये कार्रवाई सही है, लेकिन नशा तस्कर के घर को तोड़कर उस छत के नीचे रहने वाले अन्य सदस्यों के प्रति सहानुभूति दिखाई जानी चाहिए।
चंद घंटों के बाद हरभजन सिंह ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि वह यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि पंजाब की आप सरकार सूबे की ऐसी पहली सरकार है, जो नशा तस्करों के खिलाफ इस प्रकार के ठोस एक्शन ले रही है। वह पंजाब पुलिस और सरकार की नशा तस्करों और ड्रग्स के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि आखिरकार पंजाब में कोई ऐसी सरकार आई है, जो गंभीरता के साथ नशे की समस्या को खत्म करने के लिए काम कर रही है। उसकी नशे के खात्मे पर नीति और संदेश स्पष्ट है। हम एकजुट होकर ड्रग्स के खिलाफ इस जंग में जीतेंगे और अपने राज्य को नशा मुक्त बनाएंगे।
*नशे के खिलाफ पदयात्रा निकालेंगे राज्यपाल*
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के लिए 3 अप्रैल से 8 अप्रैल तक पदयात्रा निकालेंगे। यह यात्रा डेरा बाबा नानक से शुरू होकर अमृतसर में जलियांवाला बाग पर संपन्न होगी। इस दौरान कई स्थानों पर नशे के खिलाफ जनसभाएं की जाएंगी। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज को इस संकट से बचाने के लिए एकजुट करना है। राज्यपाल क कहना है कि भारत सरकार और पंजाब सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही हैं। सभी को इसमें सहयोग देना चाहिए। राज्यपाल की यात्रा गुरदासपुर और अमृतसर जिलों से होकर गुजरेगी। यह क्षेत्र नशे से सर्वाधिक प्रभावित है।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा की जो नशा बेचेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार को पता है कि नशे का कारोबार कैसे छुड़वाना है। नशा तस्कर या तो वे नशे का कारोबार छोड़ दें या पंजाब छोड़ दें। सरकार इस मामले में कोई नर्मी नहीं दिखाएगी। नशे के विरुद्ध जारी अभियान अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। इसे बड़े स्तर पर समर्थन मिल रहा है। यह अभियान और सख्ती के साथ आगे बढ़ेगा।
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